कर्ण और वर्ण व्यवस्था

सरयूपारीण तेजस्वी सम्मान खोजते नहीं गोत्र बतला के,पाते हैं जग में प्रशस्ति अपना करतब दिखला के।हीन मूल की ओर देख जग गलत कहे या ठीक,वीर खींच कर ही रहते हैं इतिहासों में लीक, सूत-वंश में पला, चखा भी नहीं जननि का क्षीर,निकला कर्ण सभी युवकों में तब भी अद्‌भुत वीर।तन से... [पूरी पोस्ट]
writer Sudhir (सुधीर)

५.वर्ण व्यवस्था

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[09 Aug 2009 00:36 AM]

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