हिंदी को सालाना सरकारी श्राद्ध की नहीं, श्रद्धा की जरूरत
राजेश त्रिपाठीभाषा न सिर्फ अभिव्यक्ति का साधन अपितु किसी देश, किसी वर्ग का गौरव होती है। यही वह माध्यम है जिससे किसी से संपर्क साधा जा सकता है या किसी तक अपने विचारों को पहुंचाया जा सकता है। भारतवर्ष की प्रमुख भाषा हिंदी तो जैसे इस देश की पहचान ही बन गयी...
[पूरी पोस्ट]
Rajesh Tripathi
15
0
0
0
0
[14 Sep 2009 02:27 AM]



Shuffle








