मेरे देश को आज क्या हो रहा है

कलम का सिपाही -राजेश त्रिपाठीमेरे देश को आज क्या हो रहा है।हंसते हंसते यहां आदमी रो रहा है।। न अमराइयों में पड़ें आज झूले। पनघट भी गांवों के अब गीत भूले।। न कजरी की तानें न बिरहा की बोली। चले बात ही बात में आज गोली ।।बारूदी गंधों में डूबी दिशाएं।गांधी का सपना दफन हो... [पूरी पोस्ट]
writer Rajesh Tripathi
views
15
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[23 Sep 2009 11:32 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix