गंगा की गोद में .

आओ चुगली लगायें आज पित्र विसर्जन अमावस्या थी सो मैंने सोचा क्यों ना मै भी गंगा स्नान कर ही आऊं। सौभाग्य से गंगा मेरे घर से महज़ छै: किलोमीटर की दूरी पर है बहती है। हालाँकि 'बहती' शब्द का इस्तेमाल पर कुछ लोग अतिशयोक्ति कहकर आपत्ति लगा सकते हैं फ़िर भी गंगा तो बहती ही है।... [पूरी पोस्ट]
writer जैगम मुर्तजा

जैगम मुर्तजा

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[18 Sep 2009 07:41 AM]

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