अदने से आदमी के ऊपर टनो शब्द उडेले जा रहे है किन्तु शब्दो के निचे दबा आदमी जिन्दा है
शब्द-अविष्कार मै आजकल शब्दो के महासमुन्द्र मे डूब रहा हू। कुछ समय से हिन्दी ब्लोग जगत के भिष्मपितामाह कहे जाने वाले श्री ज्ञानदत्तजी नये शब्द-अविष्कार करने की ठान बैठे है। कुछ शब्दो को आम जनता के लिए खोलकर पान्डेजी सुकुन भरी ब्लोगेरी कर रहे है। उनका यह...
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MUMBAI TIGER मुम्बई टाईगर
व्यग
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[04 Aug 2009 05:39 AM]



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