टोपीयां
बहुत हीं शांत, सौम्य और सज्जन पुरुष थे वे लोग । और पहने हुए थे सच से भी ज्यादा साफ़ और स्वच्छ कपड़े । लोगों को पहनाया करते थे अपनी सफ़ेद टोपीयां । लोग आज भी टोपीयां पहने हुए पाये जाते है । ...
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चंदन कुमार झा
कविता
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[24 Sep 2009 17:48 PM]



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