कभी नीम नीम कभी शहद शहद - (भारत गाथा -१ )

ek kahani - aav, bhaav aur prabhaav ki ! आज चार बजे आँख खुल गयी ... कल तीन बजे ही सुबह हो गयी थी और परसों तो एक बजे से ही नींद उछन गयी थी | भारत से अमरीका पहुँचते पहुँचते समय बदल जाता है ..... हाँ वाकई समय बदल जाता है | साथ बदल जाती है इंसान की सोच और रवैया | ये बदलाव मैं खुद में महसूस कर रही... [पूरी पोस्ट]
writer kavitaprayas

भारत गाथा

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[23 Jul 2009 05:07 AM]

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