बिक गया नंदनवन का बॉर्डर!
पिंगलक आँखें बंद करके सो चुका था और करटक विस्फारित नेत्रों से उसे देख रहा था। फाइल अब भी उसके हाथ में थी जिसमें महाराज पिंगलक के मंत्री संजीवक के विदेशी खातों में जमा धन का हिसाब लिखा था। पिंगलक समझ चुका था कि महाराज इस पर कुछ भी कार्यवाही नहीं करेंगे।...
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Mohanlal Gupta
satire
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[30 Dec 2009 05:54 AM]



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