आए अब तक सावन कितने

Jogeshwar Garg आए अब तक सावन कितनेसूखे फ़िर भी मधुबन कितने घर है कितने बिखरे बिखरेकटते बंटते आँगन कितने जाति क्षेत्र भाषाएँ मज़हबकर डाले सीमांकन कितने करी किसीने घोर तपस्याडोल उठे सिंहासन कितने चेहरे पर यदि मैल जमा होफ़िर हो उजले दर्पन कितने वर्षों से लिपटे हैं... [पूरी पोस्ट]
writer jogeshwar garg

ghazal

views
17
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[19 Dec 2009 03:14 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix