बलात्कार का दलित मतलब
ये मेरे अखबारी जीवन का शायद सबसे खराब दिन था ,बरसात की बूंदें चेहरे पर थप्पड़ जैसे लग रही थी ,गाँव के बाहर बिना छप्पर की एक झोपडी में पूरी तरह से भीगी चंदा ,रूपा और तारा (काल्पनिक नाम )एक कोने में सिमटी हुई थी,महज 5000 रुपयों में उन नाबालिग़ लड़कियों के...
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आवेश
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[22 Jul 2009 23:59 PM]



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