फिर भी नया साल है !

दस्तावेज थालियाँ छनक रही ,कटोरियाँ भड़क रहीं रोटी है न दाल है ,कमाल है ,कमाल है फिर भी नया साल है | भूख के सवाल पर ,हाल बेहाल पर सुर्ख रंग लाल है ,लाल लाल लाल है फिर भी नया साल है |हर तरफ बवाल है,बवाल पर बवाल हैजिससे जूझता हुआ हर आदमी हलाल हैफिर भी नया साल है... [पूरी पोस्ट]
writer आवेश
views
18
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
8
[31 Dec 2009 10:43 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix