तोतली जुबान से जब पिता को टोका

खुली खिड़की रात का समय था और हमारे घर मेरे पिता श्री अपने एक अन्य दोस्त के साथ बैठकर शराब का लुत्फ उठा रहे थे. मैं दूर खड़ा इस दृश्य को बड़ी गौर से देख रहा था, पता नहीं मुझे क्या हुआ, मैं उनके पास गया और बोला, अंकल जी अगर आप ने शराब पीनी है तो हमारे घर में मत आया... [पूरी पोस्ट]
writer Kulwant Happy

तोतली जुबान

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[16 Aug 2009 12:03 PM]

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