एक बहुत ही गंभीर प्रशन ?????????????
आज सब कुछ एसे घटित हो रहा है जैसे संजय धृतराष्ट्र को सब कुछ सच सच बता रहा है और धृतराष्ट्र बस संजय आगे चलो के आलावा कुछ भी नही बोल रहा है। आज हम कुछ कुछ धृतराष्ट्र के समान ही व्यवहार कर रहे है। हिंदू राष्ट्र के बारे में कल्पना तो बहुत ही दूर की बात है अब...
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त्यागी
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[26 Jul 2009 05:41 AM]



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