शायद....

mahua शायद.......इक मुद्दत से जिसे देखा नहीं....आज भी वो ज़हन से उतरा नहीं.......आज भी वो टूट के आता है याद.......आज भी रात भर नींद आती नहीं......आज भी सच्चा है मेरा इश्क़......आज भी वादा मेरा झूठा नहीं.....आज भी क़ायम हूं,अपने ज़ब्त पर......आज भी टूट कर बिखरा... [पूरी पोस्ट]
writer tanu sharma.joshi

शायद.....

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[30 Aug 2009 22:48 PM]

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