बिन रोली हल्दी के साथ परदेस में बंधी राखी....

रमता जोगी बहता पानी.... चार से पाँच माह बीत गए...लंबे समय से कम्प्यूटर से दूर पहले तो आँखों का ऑपरेशन...फिर बहन की शादी...इसके बाद परदेसी होना। मेरा ब्लॉग भी मेरी माँ की तरह तन्हा हो गया..लंदन की आबोहवा के बाद भारत की गर्माहट और दो माँओं का दुलार....इसके बाद न्यूजीलैंड का... [पूरी पोस्ट]
writer श्रुति अग्रवाल

परदेस में बसा नया बसेरा

views
10
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[08 Aug 2009 05:08 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix