महंगाई की मार से त्रस्त भारत का लोकतंत्र
अभी तक देश में चुनाव हुए बामुश्किल १०० दिन ही बीते होंगे परन्तु महंगाई ने अपना मक्कड़ जाल इस प्रकार फेला दिया है की कोई भी वस्तु अपने पहले के दामों से दुगुने दामों पर भी मुश्किल से मिल पा रही है और उसको भी वाही लोग ले पा रहे हैं जो की मालदार हैं यानि के...
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K.P.Chauhan
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[26 Sep 2009 09:27 AM]



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