जस की तस धर दीनी चदरिया
‘जस की तस धर दीनी चदरिया।’डी.एन.गौतम जब आज रिटायर हो रहे हैं तो कबीर की उपर्युक्त उक्ति सहसा याद आ रही है।काश इस लोकतंत्र में अफसर के बदले नेता के लिए इस उक्ति का ं अक्सर इस्तेमाल करने का मुझे अवसर मिलता !ऐसा होता तो मुझे और भी अच्छा लगता। बिहार के एक...
[पूरी पोस्ट]
Surendra Kishore
विश्लेषण
11
0
0
0
0
[06 Aug 2009 06:37 AM]



Shuffle








