पर अभी संभावना है
पोस्ट नंबर 16दांत पैने हो गए हैं, और पंजे कस गए हैं, रहनि चिरइन की कठिन हैपर अभी संभावना है। रात भीगी तम घना है, अन्धड़ों का रौ बना है, लौ दिया की है कठिन पर, प्रात की संभावना है। धनु अहेरी के खिंचे हैं, अंग भर कांटे चुभे हैं, पंख चिरइन के खुले हैं,...
[पूरी पोस्ट]
MAVARK
कविता
7
0
0
0
0
[11 Aug 2009 07:28 AM]



Shuffle








