गीत
नच रे गुजरिया , बजी बसुरिया ,हम तोहे से प्रेम करे ।ओ मेरी मुनिया , वही है गुनिया,जो तोहे पे नैन धरे ।।हमरा जीवन पड़ा है सूखा,तोहरे नैना काहे बरसे ?उ तो तोहरा घुंघटा उठ गवा ,नहीं तो हमहू सदियों तरसे।।कहीं जो बदरिया , हुई बावरिया ,वो तुझपे ही बरस पड़े ।नच...
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darpan sah
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[28 Dec 2009 12:05 PM]



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