गीत

प्राची व उसके पार... नच रे गुजरिया , बजी बसुरिया ,हम तोहे से प्रेम करे ।ओ मेरी मुनिया , वही है गुनिया,जो तोहे पे नैन धरे ।।हमरा जीवन पड़ा है सूखा,तोहरे नैना काहे बरसे ?उ तो तोहरा घुंघटा उठ गवा ,नहीं तो हमहू सदियों तरसे।।कहीं जो बदरिया , हुई बावरिया ,वो तुझपे ही बरस पड़े ।नच... [पूरी पोस्ट]
writer दर्शन

darpan sah

views
8
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[28 Dec 2009 12:05 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix