इंसानों के बारे में
मुझे,यह लगता था कि इंसान बातों को समझता है और अपने तर्कों को औज़ार बनाया था उनसे बातें करने कोमुझे,यह भी लगता था किसभी इंसान दिल से अच्छे होतें हैं केवल परिस्थितियाँ उन्हें बद, बुरा या नेता बनाती हैं और मैं सबसे दिल खोल के मिलना चाहता था मैनें,यही सीखा था...
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मुकेश कुमार तिवारी
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[22 Aug 2009 02:53 AM]



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