यूं ही कोई गुजर गया यारों
हर्षित और गगनदीप आईईटी लखनऊ के होनहार छात्र थे. बीटेक थर्ड ईयर के इन छात्रों के आंखों में सपने थे कुछ बनने के, कुछ कर दिखाने के. दोनों रोबोट का मॉडल बननाने में जुटे थे. देर रात चाय की तलब लगी. कैम्पस की कैंटीन रात आठ बजे ही बंद हो जाती है सो रात दो बजे...
[पूरी पोस्ट]
rajiv
डायरी के पन्ने
16
0
0
0
0
[14 Sep 2009 04:45 AM]



Shuffle








