ग्राम देवी (कविता)
गाँव की छोटी सी पहाडी कीतीन सौ निन्यानवे सीढियां चढ़करदेवी के उस अत्यन्त विनम्र मन्दिर मेंपहुँचते हैं श्रद्धालु।नवरात्रि में 'देवी' का किंचित औपचारिक संबोधनआम दिनों में हवा की तरह हल्का होकर'माइ' या 'माता' रह जाता है।ये ग्राम देवी है जो गाँव में सबसे...
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sanjay vyas
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[23 Sep 2009 20:30 PM]



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