पत्नी की मांग : चांद पर बसेरा

प्रतिवाद चांद पर पानी की पुष्टि।पत्नी इस खबर पर बेहद उत्साहित है। धरती पर रहकर उक्ता गई पत्नी को अब चांद पर बसेरा चाहिए। मुझसे जिरहा शुरू हो गई है कि अब हम चांद पर ही रहेंगे। चांद पर रहना सुखद रहेगा। न वहां पानी की किल्लत होगी न गर्मी का एहसास। माहौल हर पल... [पूरी पोस्ट]
writer अंशुमाली रस्तोगी

व्यंग्य

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[26 Sep 2009 02:00 AM]

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