गाँव की पूजा

GAPODI याद नहीं एक बार या दो बार गाँव में पूजा के दिनों में था। उम्र कोई पाँच बरस पर उसे भी आप कम न समझें। बचपन से ही बातों की राफुगिरी सीख ली थी। शाम को एक खेत पर कम करने वाले के साथ कुछ चील्लर दे कर भेज दिया गया। घर से कोई दो मील होगा। हजूम चल रहा था हम भी चल... [पूरी पोस्ट]
writer rajkumar jha
views
8
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[26 Sep 2009 09:24 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix