ठण्डी हवा के झोंके

गीत-ग़ज़ल ठण्डी हवा के झोंके , छूकर हैं जब गुजरतेछूकर हैं उनको आये , वादों से जो मुकरतेखुशियों के ये इरादे , कैसे सनम पकड़तेबहती हवा के मानिंद , दामन में न ठहरतेसिर चढ़ के जो बोले , देखो सुरूर चढ़तेमीठी सी नीँद बन कर , दिल में हैं यूँ उतरतेठहरा है काफिला भी , देखो... [पूरी पोस्ट]
writer शारदा अरोरा
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[22 Aug 2009 02:15 AM]

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