मासूम मुहब्बत और दुविधाएं- लव आजकल
समीक्षा पढ़कर किसी फ़िल्म या क़िताब के बारे में मैं कोई राय नहीं बनाता था... लेकिन तहलका पर नई फिल्म -लव आजकल- की समीक्षा अच्छी लगी। फिल्मों में आपकी दिलचस्पी हो तो पढ़ें और वक़्त मिले तो देखने का मशविरा भी दूंगाः संजीवफिल्म समीक्षाफिल्म लव आजकलनिर्देशक...
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संजीव
साभारः तहलका
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[10 Aug 2009 14:26 PM]



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