नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
शाम हो चुकी थी जब हम ताजमहल को देखने के बाद मथुरा की ओर चले... रास्ते में एक जगह आगरा का मशहूर पेठा लिया...एक चौराहे पर बड़ी –सी दुकान में। फिर बारिश शुरू हुई तो मथुरा तक अनवरत बरसती रही। दिल्ली- मथुरा रोड पर अंदेरे में जुगनुओं की तरह दिखने लगा तो अंदाजा...
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संजीव
धर्म
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[13 Sep 2009 10:27 AM]



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