ईश्वर इन्हे माफ मत करना
प्रभात रंजन...क्योंकि ये अच्छी तरह जानते हैं कि इन्होने क्या गुनाह किया है।सैकड़ो-हजारों बार सुने हुए से अल्फाज...मीडिया और मीडिया के नाम पर थोथे,बेकार से शब्द...बाजार उपभोक्तावाद न्यूज रूम की मजबूरियां...हाय री सिर होने की दुश्वारियां...हाय री...
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प्रभात रंजन
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[06 Aug 2009 18:06 PM]



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