संगीता पुरी जी : ज्ञान और तर्क का प्रदर्शन अपेक्षित है!
संगीता जी मैं तो अज्ञानी (ज्योतिष को लेकर) हूँ, कहा से समझूंगा? आप तो ज्ञान रखती हैं ज्योतिष का। उसका प्रचार-प्रसार भी पूरी लगन, मेहनत और समर्पण से कर रही हैं। आपके प्रयार सिर-माथे। पूरा सम्मान करता हूँ। ...लेकिन बात बढ़ते-बढ़ते यहां तक आ गई है कि इसे...
[पूरी पोस्ट]
प्रवीण जाखड़
14
0
0
0
0
[23 Sep 2009 13:52 PM]



Shuffle








