जीवन सन्दर्भ
शहनाई के सुर............शहनाई के मीठे सुर से कुछ पल को यूं बात हुई ,जैसे तेरा दामन पकड़ा ,तुम से इक मुलाकात हुई,खोया खोया चाँद किसी की यादों मे यूं डूबा है ,होश नही है कब दिन डूबा और कब फिर से रात हुई ,तेरी मेरी हस्ती मिल कर जब से एक हुई जानब,हर मौसम...
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डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह
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[04 Sep 2009 14:31 PM]



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