कौन कहता है बाजार हिंदी को बिगाड़ रहा है!

हथौड़ा जो हिंदी भाषा के विकास पर शंका और क्षोभ जताते हैं, उनके ज्ञान के दयारे सीमित हैं। वे बंद आंखों से दुनिया और भाषा का आंकलन करते हैं। दुनिया में जितने और जहां-जहां भी परिवर्तन हो रहे हैं, उनके लिए वे सभी बेमानी हैं। वे दुनिया को बदलते इसलिए देखना नहीं... [पूरी पोस्ट]
writer अंशुमाली रस्तोगी

हिंदी दिवस

views
12
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[14 Sep 2009 01:53 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix