सफर खत्म हुआ लेकिन...

मेरा कोना वो कहीं से भली नहीं थी, उसकी क्रूरता, उसके चेहरे पर दिख रही थी। मेरा मन कह रहा था कि उससे दूर रहूं। उसे न देखूं। लेकिन नज़र थी कि बार बार उधर चली जा रही थी। एकाध बार उसने भी मुझे देखा था। वो मेरी तरफ देखकर क्या सोच रही थी ये मुझे नहीं पता था, लेकिन... [पूरी पोस्ट]
writer archana rajhans
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[13 Aug 2009 08:25 AM]

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