अब विवेक की कविता उड़ा ली गई

जिरह विवेक ने एक बेहद खूबसूरत कविता लिखी है। यह कविता उसने हरियाणा से लौटने के बाद लिखी थी। शीर्षक है - कत्ल से पहले बहनें, बहनों के कत्ल के बाद। उसके ब्लॉग 'थोड़ा सा इंसान' पर 27 जुलाई की पोस्ट है यह। बेशक संवेदना को झकझोर कर रख देने वाली कविता है। आप भी... [पूरी पोस्ट]
writer अनुराग अन्वेषी
views
10
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[01 Sep 2009 12:39 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix