प्याज सुमिरन - कुण्डलियाँ

जोशी कविराय  - Joshi Kavirai छः दशकों की उपलब्धिछः दशकों में हो गया सारा राज सुराज ।घुसी तेल में ड्राप्सी, दुर्लभ आलू-प्याज ।दुर्लभ आलू-प्याज, दूध पानी से सस्ता ।पतली होती कभी तो कभी हालत खस्ता ।कह जोशीकविराय देखना नई सदी में ।मछली बचे न एक ग्राह ही ग्राह नदी में ।भले ही अणुबम... [पूरी पोस्ट]
writer joshi kavirai

कुण्डलिया

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[31 Dec 2009 11:57 AM]

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