ख़ुमार बाराबंकवी की कुछ ग़ज़लें…

निंदा पुराण ख़ुमार बाराबंकवी हम उन्हें वो हमें भुला बैठे… ऐसा नहीं के उनसे मुहब्बत नहीं रही… एक पल में एक सदी का मज़ा हम से पूछिये… वो हमें जिस कदर आजमाते रहे… Posted in कला और संगीत... [पूरी पोस्ट]
writer अंकुर वर्मा

कला और संगीत

views
7
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[10 Aug 2009 18:38 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix