अलविदा

laghukahani उसने कहामैं जा रही हूंहमेशा-हमेशा के लिएतुमसे दूरबस, जो बचे हैं पलवो गुजार लोहंसी-खुशीमेरे संगक्या-खोयाक्या-पायाइसका हिसाबलगा लेनाकलअभी तो हूं मैं तुम्हारेऔर तुम मेरे साथसुनो,जब मैं चली जाऊंगीतुम उदास मत होनारोना भी मतन घंटों बैठ करडूबते सूरज को निहारने... [पूरी पोस्ट]
writer शिवराज गूजर.

रचना संसार

views
12
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
3
[31 Dec 2009 08:33 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix