सुबह आ ही जाएगी

Avanish Gautam रात होने से पहले कहीं खो कर जो लौट आते हैं उन्हे क्या पता रात की कसीदाकारी देखो मेरे पूरे वज़ूद पर बने हैं शानदार बेल-बूटे सुईयां भी चुभी है बे-हिसाब उनका दर्द है लाज़वाब नहीं लौटना है मुझे कहीं रात खत्म होगी तो सुबह आ ही जाएगी... [पूरी पोस्ट]
writer Avanish Gautam

poetry

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[24 Sep 2009 03:32 AM]

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