हिन्दी के हाइकू

I'm Vikash & this is my world...! १.अंधेरी रातनैन बाण लहकेप्रेम पनपा.२.सफ़ेद खादीनमक की गरमीबापू अमर३.कहो ना कुछ?मौन की अभिव्यक्तिमैं नासमझ.४.मैं पतझड़प्रियतमा वसंतसुहाना समां.५.गर्म चुंबनलिपटे हुए तुमठंढे आदर्श.... [पूरी पोस्ट]
writer विकास कुमार
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[21 Sep 2009 07:08 AM]

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