तू जब से गया है मुझे छोड़कर
तू जब से गया है मुझे छोड़करमैं ऐसा तन्हा हुआकि अब तो लगता है जीना भी क्या जीना हैलेकिन फिर भी जीना होगावादा जो तुझसे किया है, निभाना होगामौत को आगोश में लेकर तुझे भूलना चाहता हूंपर कम्बख्त मौत भी बेवफा निकलीजिंदगी ने थामा दामनपर मौत भी दरवाजे पर खड़ी...
[पूरी पोस्ट]
आशीष
11
0
0
0
0
[17 Sep 2009 10:15 AM]



Shuffle








