जाना होगा धनतंत्र की इस शिक्षा को
कलम तोड़कर रख दी स्याही हाथ में कहते है अब तकदीर लिखोकल के हिंदुस्तान कीगवाह इतिहास हैदौलत की ताकत से हूकुमत नहीं चला करती दुनिया का रुख हो जाता है उस तरफ चल पड़ता है जिधर गरीब, किसान, नौजवान और छात्र देश है इनका शिक्षा है इनकीइसका व्यापार नहीं चलेगा...
[पूरी पोस्ट]
विनय जायसवाल
12
0
0
0
0
[11 Sep 2009 00:54 AM]



Shuffle








