सप्त सुरन तीन ग्राम गाओ
भले ही खाँ साहब ने शुद्ध बिलावल सही नहीं गाया हो, भले ही पखावजी का बांया अंगूठा नकली हो,भले ही तबले पर थाप हल्की पड़ी हो.... पर ज़ुईन खां साहब ने जितना भी गाया; बेदाला ही गया .. हमें तो उतना ही मधुर लगा जितना तानसेन ने गाया।सप्त सुरन तीन ग्राम....सप्त...
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सागर नाहर
k l saigal
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[11 Aug 2009 02:17 AM]



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