फाइलों में बनते बिकते प्रोजेक्टस

RAN BHERI फाइलों में बनते बिकते प्रोजेक्टसआम आदमी के घर पाने का सपना कांच की तरह टूट कर बिखर रहा है। कभी उसने अपनी जि़न्दगी भर की पूंजी लगा कर एक अदद छत पाने का सपना आंखों में संजोया था जो आज उसकी आंख में कांच की किंकरी बनकर आंसू बहाने पर मजबूर कर रहा है। उसे शायद... [पूरी पोस्ट]
writer हरिओम त्यागी
views
6
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[31 Dec 2009 00:58 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix