तेरा होना ..

कुछ मेरी कलम से -kuch  meri kalam se ** तेरी हर छुअन के बाद ..दिल हो जाता है ..यूँ हरा भरा ..सुनहरा ...तेरी ही सुंगंध ..में डूबा ..जैसे ....बरसात के बाद ..हरी पत्तियां ....सोनल धूप की छुअन से ,दिप -दिप सी खिल उठती हैंऔर फ़िर सब तरफ़हरा भरा सा ....मन हो झूमने लगता है............... [पूरी पोस्ट]
writer रंजना [रंजू भाटिया]
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[03 Sep 2009 07:26 AM]

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