अब हैं नई नई उपमायें

गीतकार की कलम बदल रहा परिवेश, बदलता समय, बदलती परिभाषायेंबदल रही हैं कविता में भी जो प्रयुक्त होती उपमायेंतुम अलार्म की घड़ी दूर जो रखती है वैरन निंदिया सेऔर मुझे दफ़्तर जाने में देर नहीं जो होने देतीऔर तुम्ही तो मोहक वाणी जीपीएस के निर्देशन कीकभी अजनबी राहों पर भी जो... [पूरी पोस्ट]
writer Geetkaar
views
9
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[24 Jul 2009 08:11 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix