हमारी हिंदी बेचारगी की भाषा नहीं है अतः संघर्ष करते रहिये ......Hindi is not a diplorable language so keep fighting .. .
आज हिंदी दिवस है , बहुत सारे लोगों के लिए ये हिंदी की बेचारगी का रोना-रोने का सर्वश्रेष्ठ दिन है | भाषा हमें संस्कार देती है और मातृभाषा तो एक प्रकार से साक्षात् माता की ही भूमिका का निर्वहन करती रही है | हमारी हिंदी ने हमें हमेशा संघर्ष के ही संस्कारों...
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Varun Kumar Jaiswal
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[11 Oct 2009 19:37 PM]



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