ये दुनिया.....

mahua कोई रोक सका है क्या....किसी की ख्वाहिशों को.....किसी के सपनों में बसती......अंगड़ाई लेती....चमकीले सपनों की दुनिया को.....नहीं शायद कोई नहीं...तुम भी तो नहीं जानते......समंदर बसता है तुम्हारे अंदर किसी अदावत का,जहां मैं गहराना चाहती हूं.....कोई उमगती... [पूरी पोस्ट]
writer tanu sharma.joshi

दुनिया....

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[27 Aug 2009 04:25 AM]

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