पत्रकार भाई बारिश जानते ही नहीं!

बकौल बेद कल देर रात टेलीविजन पर एक खबर देखी। बड़ी महत्वपूर्ण खबर चल रही थी। सूखे पर। शुरुआत में ही बताया गया कि बुआई का मौसम बीता जा रहा और बारिश नदारद है। मन खिन्न हो गया। भयंकर अकाल पड़ गया है तो मनोवैज्ञानिक और सामाजिक रूप से मन का खिन्न होना लाजिमी है। लेकिन... [पूरी पोस्ट]
writer वेद रत्न शुक्ल
views
8
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[09 Aug 2009 04:02 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix