डॉक्टर भेडि़या ने मंत्री की किडनी चुरा ली!
करटक आज बहुत दिनों बाद महाराजा पिंगलक से मिलने आया था लेकिन धरती पर बैठने की बजाय ऊँचे पेड़ की शाखा पर बैठकर झूले खाने लगा। पिंगलक ने हैरान होकर पूछा– ‘‘मंत्रिवर! क्या हो रहा है?’’ –‘‘कुछ नहीं महाराज! आपको प्रणाम करने आया हूँ।’’ –‘‘सो तो ठीक किंतु दरबारी...
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Mohanlal Gupta
satire
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[29 Dec 2009 05:37 AM]



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