आर्थिक मंदी में ईद मुबारक
इस कविता के जरिए मैं आप सभी को तमाम किंतु-परंतु के साथ ईद, नवरात्र और विजय दशमी की मुबारकबाद देना चाहता हूं।आर्थिक मंदी के इस दौर मेंमहंगाई और बेरोजगारी के अंधकार मेंपेशेवर पत्रकारिता के बाजारवाद मेंकुछ रंगे सियारों से संघर्ष के फेर मेंमुट्ठी भर...
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Yusuf Kirmani
festivals in recession
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[20 Sep 2009 12:27 PM]



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