दिल आज शायर है...
मैं समझ नहीं पाता कि प्रोफेशनली कवितायें कैसे लिख ली जाती हैं। मैं तो लेखों में ही खुद को ज्यादा सहज पाता हूँ। हाँ कभी-कभी कुछ भावनाएं सिर्फ कविताओं में ही व्यक्त हो पाती हैं, और यहीं आकर यह पंक्तियाँ सच ही लगती हैं कि 'वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा...
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Abhishek Mishra
मौन
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[22 Aug 2009 11:53 AM]



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